Section D - Questions & Answers
(Hindi)

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विभिन्न म्यूचुअल फंड्स (MF) के लिए जो एजेंसिया निवेशकों का रिकॉर्ड रखती है उन एजेंसियों को आरटीए या रजिस्ट्रार & ट्रांसफर एजेंट कहा जाता है। कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड (CAMS), KFin टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (KFintech), फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड (Franklin) और सुंदरम (Sundaram Mutual Fund) विभिन्न आरटीए हैं।जबकि फ्रैंकलिन और सुंदरम अपने स्वयं के MF निवेशकों के रिकॉर्ड रखते हैं, KFintech 24 म्यूचुअल फंड हाउसेस का रिकॉर्ड रखता है और सीएएमएस सभी शेष म्यूचुअल फंड्स के साथ डील करता है।

इन RTAs के कार्यालय या सर्विस सेंटर्स की डिटेल्ड लिस्ट enclosed Section -B में उपलब्ध है। Section -B में जाकर आप अपने नजदीकी RTA की लोकेशन का पता लगा सकते हैं।

इस सिचुएशन में आप निवेशक का पैन नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल आईडी देते हुए दिए गए लिंक

 “https://new.camsonline.com/Investors/Statements/Consolidated-Account-Statement

अथवा

https://mfs.kfintech.com/investor/General/ConsolidatedAccountStatement

 पर जा कर अपनी रिक्वेस्ट ऑनलाइन सबमिट कर सकते है। आपको अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर सभी डिटेल्स मिल जाएंगे। 

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आपको आरटीए से यह रिक्वेस्ट भी करना चाहिए कि वे अपने रिकॉर्ड के अनुसार जो म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट है उसे निवेशक के एड्रेस पर भेजें। इसके बाद आरटीए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट डिटेल निवेशक के अपने रिकॉर्ड में रखे गए पते पर भेजेगा।

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आपको आरटीए से यह रिक्वेस्ट भी करना चाहिए कि वे अपने रिकॉर्ड के अनुसार जो म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट है उसे निवेशक के एड्रेस पर भेजें। इसके बाद आरटीए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट डिटेल निवेशक के अपने रिकॉर्ड में रखे गए पते पर भेजेगा।

 

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आपको आरटीए से यह रिक्वेस्ट भी करना चाहिए कि वे अपने रिकॉर्ड के अनुसार जो म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट है उसे निवेशक के एड्रेस पर भेजें। इसके बाद आरटीए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट डिटेल निवेशक के अपने रिकॉर्ड में रखे गए पते पर भेजेगा।

 

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आपको आरटीए से यह रिक्वेस्ट भी करना चाहिए कि वे अपने रिकॉर्ड के अनुसार जो म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट है उसे निवेशक के एड्रेस पर भेजें। इसके बाद आरटीए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट डिटेल निवेशक के अपने रिकॉर्ड में रखे गए पते पर भेजेगा। 

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आरटीए को भेजे जाने वाले लेटर में आपको यह मेंशन करना होगा की आप उस घर से अब शिफ्ट हो चुके जिस घर के एड्रेस पर रहते हुए आप के पति ने यह निवेश किया था। आपको आरटीए या म्यूचुअल फंड के ऑफिस में जा कर सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स सबमिट करते हुए सभी चालू निवेशों का स्टेटमेंट देने के लिए रिक्वेस्ट करना चाहिए।

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आरटीए को भेजे जाने वाले लेटर में आपको यह मेंशन करना होगा की आप उस घर से अब शिफ्ट हो चुके जिस घर के एड्रेस पर रहते हुए आप के पति ने यह निवेश किया था। आपको आरटीए या म्यूचुअल फंड के ऑफिस में जा कर सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स सबमिट करते हुए सभी चालू निवेशों का स्टेटमेंट देने के लिए रिक्वेस्ट करना चाहिए।

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आरटीए को भेजे जाने वाले लेटर में आपको यह मेंशन करना होगा की आप उस घर से अब शिफ्ट हो चुके जिस घर के एड्रेस पर रहते हुए आप के पति ने यह निवेश किया था। आपको आरटीए या म्यूचुअल फंड के ऑफिस में जा कर सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स सबमिट करते हुए सभी चालू निवेशों का स्टेटमेंट देने के लिए रिक्वेस्ट करना चाहिए।

आप को उन म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी नहीं हैं जहां निवेश किया गया था। इस स्थिति में आपको म्यूचुअल फंड के सभी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों (आरटीए) यानि CAMS, Kfintech, Franklin & Sundaram को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखना होगा। इस रिक्वेस्ट लेटर के साथ यह मेंशन करते हुए कि आप उनकी पत्नी है , आपको अपने मृत पति के पैन और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आपको यह भी मेंशन करना होगा कि निवेश करते समय आप के पति द्वारा म्यूचुअल फंड के साथ रजिस्टर्ड ईमेल आईडी का पासवर्ड आप नहीं जानती हैं। आरटीए को भेजे जाने वाले लेटर में आपको यह मेंशन करना होगा की आप उस घर से अब शिफ्ट हो चुके जिस घर के एड्रेस पर रहते हुए आप के पति ने यह निवेश किया था। आपको आरटीए या म्यूचुअल फंड के ऑफिस में जा कर सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स सबमिट करते हुए सभी चालू निवेशों का स्टेटमेंट देने के लिए रिक्वेस्ट करना चाहिए।

Sundaram Mutual Fund के सर्विस सेंटर्स को जानने के लिए कृपया यहां क्लिक करें

“1800-419-2267 (Mon – Fri ): 9AM – 6PM

Sat: 9AM – 1PM

(Closed on 2nd, 4th & 5th Sat. &

all other non-business days )”

1800 258 4255 , 1800 425 4255 (8 a.m. to 9 p.m. (except Sundays))

Mutual Fund Houses के एड्रेसेस को मालूम करने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करे

ऐसे में transmission के लिए एप्लीकेशन देने के साथ ही 2nd Holder या 3rd holder या nominee को नई ईमेल आईडी और कांटेक्ट नंबर देना होगा। यह transmitted investments में अपडेट हो जायेगा।

ट्रांसमिशन प्रोसेस के बारे में इस FAQ में किसी और जगह यह  डिटेल दी जा चुकी है। यदि सभी आवश्यक डाक्यूमेंट्स सही तरीके से पूरा कर के सबमिट किये गए है तो इनके पूरी तरह से कम्पलीट कर जमा किये जाने की रसीद की डेट से लगभग 11 वर्किंग डेज का समय लगता है।

KYC का अर्थ है “Know Your Customer”। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों, फाइनेंसियल इंस्टीटूशन्स, म्यूचुअल फंड सहित और अन्य संगठनों के लिए उन सभी कस्टमर्स की आइडेंटिटी और एड्रेस को वेरीफाई करना अनिवार्य कर दिया है जो उनके साथ फाइनेंसियल ट्रांजैक्शंस करते हैं। KYC एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई इंस्टीटूशन किसी व्यक्ति की आइडेंटिटी और उसके रहने के जगह को वेरीफाई करती है। म्युचुअल फंड, फिक्स्ड डिपाजिट, बैंक अकाउंट आदि जैसे विभिन्न इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश शुरू करने से पहले एक कस्टमर को अपना केवाईसी सबमिट करना होता है। कोई व्यक्ति जब वह पहली बार इन्वेस्टमेंट करना शुरू करता है उस समय ही केवल एक बार इस प्रोसेस को करना होता है।

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट single या joint नाम से किया जा सकता है। Joint Holding Mode में अधिकतम तीन व्यक्ति हो सकते हैं। Single Holding के मामले में केवल Sole holder को ही investment, redemption, switch या कोई अन्य incidental transactions करने का अधिकार होता है। Joint Holding के मामले में सभी holders को investment, redemption, switch या किसी अन्य incidental transactions के लिए jointly papers पर signature करने होते है। Joint Holding अगर ‘any one or survivor’ instruction के साथ की गई है तो कोई भी एक Holder investment, redemption, switch या किसी अन्य incidental transactions के लिए आवश्यक papers पर signature कर सकता है।  

Investment के transmission के लिए ओरिजिनल Death Certificate या उसकी Public Notary या Gazetted officer द्वारा सत्यापित कॉपी की आवश्यकता होती है। अपने रिकॉर्ड के लिए Death Certificate की कई प्रतियों की व्यवस्था करना अच्छा रहता है। नॉमिनल फीस देकर Death Certificate की अतिरिक्त प्रतियां प्राप्त की जा सकती हैं।

यह ऑनलाइन सुविधा केवल उन म्यूचुअल फंडों के लिए उपलब्ध है जिनका RTA (Registrar & Transfer Agent) CAMS है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, निवेशक का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी CAMS के रिकॉर्ड में registered होना चाहिए। 2nd holder इस लिंक पर क्लिक करे। उसे इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले, first investor के पुराने और नए बैंक अकाउंट के चेक के दो कलर्ड डिजिटल फोटो तैयार रखने चाहिए। चेक पर first investor का नाम पहले से प्रिंट होना चाहिए। इन चेकों की फोटो आपके मोबाइल से ली जानी चाहिए। चेक इमेज सम्बन्धी दिशा निर्देश के लिए इस लिंक (link) को क्लिक कर देख सकते हैं। यह ध्यान रखे कि नया बैंक डिटेल्स केवल first investor के बैंक अकाउंट का होना चाहिए।

2nd holder को बैंक मैंडेट बदलने के लिए उस विशेष AMC के निर्धारित फॉर्म को भरना होगा। इस फॉर्म को पुराने बैंक और नए बैंकअकाउंट के cancel किए गए चेक जिस पर की उसका account number और नाम प्रिंटेड हो उसे AMC या RTA में जमा करें। फॉर्म download करने के लिए यहाँ क्लिक करे। 

लेकिन यह ध्यान रखे कि नया डिटेल भी first investor के बैंक अकाउंट का ही होना चाहिए।

जो surviving holder है उसे सबसे पहले Transmission Process पूरा करना होगा। इस Transmission Process के दौरान second holder को उस particular AMC का बैंक मैंडेट change करने के लिए निर्धारित फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म के साथ उसे Cancelled cheque leaf जमा करनी होगी जिस पर नाम और बैंक अकाउंट नंबर प्रिंटेड हो अथवा वह लेटेस्ट एंट्रीज वाली bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो की Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा अटेस्टेड हो उसे जमा करना होगा।

यह ध्यान रखे कि नया बैंक डिटेल्स केवल second joint investor के बैंक अकाउंट का होना चाहिए।

किसी investment में online माध्यम से नॉमिनी change नहीं किया जा सकता है। इसके लिए nominee की सारी डिटेल देते हुए nominee change का निर्धारित form भर कर AMC या RTA के ऑफिस में जमा करना पड़ेगा। 

Nominee updation form डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे

RTA or Mutual Funds का address जानने के लिए यहाँ क्लिक करे

KYC process को अधिकांश Mutual funds की websites पर जा कर online complete किया जा सकता है। उदाहरण के लिए आप इस दिए गए लिंक पर click कर सकते है

इस लिंक को क्लिक करने से पहले हमें

  1. Pan की Image 
  2. Address proof ( aadhar / voter ID/ passport etc) की Image 
  3. Signature की Image और
  4. Cancelled cheque की Image

सभी documents self attested कर के रेडी रखना होगा। अब आप aforesaid link पर click कर KYC process पूरा कर सकते है।

आप अपना KYC offline भी पूरा कर सकते है। आप इस लिंक से पहले फॉर्म डाउनलोड करे https://www.amfiindia.com/know-your-customer अब इसे पूरी तरह भर कर नीचे दिए गए documents के साथ AMC या RTA के ऑफिस में जमा करे –

  1. Latest photo 
  2. Pan card की copy
  3. Address proof की copy

ये सभी documents self attested होने चाहिए।

इस SIP को ऑनलाइन कैंसिल करने के लिए आप के पास इसका Folio number, इस folio के साथ associated bank account number और PAN आवश्यक रूप से होना चाहिए। इन डिटेल्स के साथ आप उस म्यूच्यूअल फण्ड की website पर login कर सकते है जिससे यह SIP ली गयी हो। अब जो SIP आप को stop करना है उसे select कर “Cancel SIP” पर क्लिक करे (mutual fund की web site link जानने के लिए यहाँ click करे)।

इस SIP को offline कैंसिल करने के लिए आप अपने म्यूच्यूअल फण्ड को इस SIP का cancelation process शुरू करने का request कर सकते है। इसके लिए आप को पूरी तरह भरा हुआ prescribed request form म्यूच्यूअल फण्ड या RTA के ऑफिस में जमा करना होगा। इस फॉर्म को डाउनलोड करने के लिए यहाँ click करे।  

ऐसे केसेस में, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा investment को second owner / second holder को transfer किया जाता है उसे transmission कहते है। इसके लिए आप को prescribed transmission form को common application form के साथ भरना होगा। Individual investor के मामले में जो documents submit किये जाने होते है वे इस प्रकार है – (ए) Form T2 (बी) मृत निवेशक का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy (सी) second holder की एक cancelled cheque होनी चाहिए जिसमे नाम तथा बैंक अकाउंट नंबर प्री प्रिंटेड हो। cancelled cheque की जगह updated bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा attested हो वह भी दिया जा सकता है।

ऐसे मामले में, remaining owners को investment transfer करने की जो प्रक्रिया होती है उसे Transmission कहते है। इसके लिए आप को transmission form को common application form के साथ भरना होगा। इसके साथ जो documents देने होंगे वो हैं – (ए) Form T1, (बी) मृत निवेशक का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy।

इस केस में नॉमिनी को Form T3, सभी मृत unit holders का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy, नॉमिनी की KYC (यदि nominee माइनर है या दिमागी रूप से कमजोर है तो उसके gardian की KYC ), नॉमिनी के बैंक अकाउंट की एक cancelled cheque जिस पर उसका नाम और अकाउंट नंबर प्रिंटेड हो या cancelled cheque की जगह updated bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा attested हो (3 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए) जमा करना होगा। यदि नॉमिनी माइनर है तो उसका birth certificate भी जमा करना होगा। अगर transmission amount दो लाख रूपये तक है तो नॉमिनी का (माइनर है तो उसके गार्डियन का) बैंक मैनेजर द्वारा (as per Annexure-I) TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में signature attested करवा कर सबमिट करना होगा। यदि transmission amount दो लाख रूपये से अधिक है तो नॉमिनी (माइनर है तो उसके गार्डियन) के signature को Notary Public या Judicial Magistrate First Class से TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में अटेस्ट करवाना होगा।

इस केस में नॉमिनी को Form T3, सभी मृत unit holders का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy, legal heir की KYC (यदि legal heir माइनर है या दिमागी रूप से कमजोर है तो उसके gardian की KYC ), legal heir के बैंक अकाउंट की एक cancelled cheque जिस पर उसका नाम और अकाउंट नंबर प्रिंटेड हो या cancelled cheque की जगह updated bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा attested हो (3 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए) वह जमा करना होगा। यदि legal heir माइनर है तो उसका birth certificate भी जमा करना होगा।

इसके साथ ही अगर transmission amount दो लाख रूपये तक है तो legal heir (माइनर है तो उसके गार्डियन) बैंक मैनेजर द्वारा (as per Annexure-I) TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में signature attested करवा कर सबमिट करना होगा। यदि transmission amount दो लाख रूपये से अधिक है तो legal heir (माइनर है तो उसके गार्डियन) के signature को Notary Public या Judicial Magistrate First Class से TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में अटेस्ट करवाना होगा। इसके साथ Annexure -II में सभी legal heir द्वारा sign किया गया एक indemnity bond, Annexure-III में सभी दावेदार legal heir का Individual affidavit और Annexure IV में claim नहीं करने वाले अन्य legal heir द्वारा NOC की भी दिया जाना जरूरी होता है।

इस transmission process को करने के लिए Form T4, मृतक कर्ता का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy, नए कर्ता की KYC, उसके बैंक अकाउंट की एक cancelled cheque जिस पर उसका नाम और अकाउंट नंबर प्रिंटेड हो या cancelled cheque की जगह updated bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा attested हो (3 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए) जमा करना होगा। इसके साथ Annexure-1 के अनुसार एक बैंक लेटर जिसमे की नए कर्ता की हस्ताक्षर तथा HUF bank details बैंक मैनेजर से certified हो उसे भी जमा करना होगा। नए कर्ता को मृतक कर्ता के अन्य सहभागियों (coparceners) के साथ relationship का प्रमाण देते हुए कोई document जमा करना होगा।

 इसके साथ कर्ता की मृत्यु पर कर्ता के परिवर्तन के लिए एक Indemnity Bond Annexure -V में प्रस्तुत किया जाना है जिस पर कर्ता सहित सभी सहभागियों द्वारा हस्ताक्षर होने चाहिए।

इस transmission process को करने के लिए जो documents जमा करने होंगे वो है  Form T5, मृतक कर्ता का ओरिजिनल death certificate या Notary Public या किसी Gazetted Officer द्वारा attested death certificate की copy, claimant के Birth Certificate की कॉपी (यदि माइनर है ), claimant या guardian (यदि claimant माइनर है या उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है) की KYC, claimant के बैंक अकाउंट की एक cancelled cheque जिस पर उसका नाम और अकाउंट नंबर प्रिंटेड हो या cancelled cheque की जगह updated bank statement / Photocopy of Bank Passbook जो Notary Public या किसी Gazetted Officer या Bank Manager द्वारा attested हो (3 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए) जमा करना होगा। इसके साथ ही अगर transmission amount दो लाख रूपये तक है तो claimant को (माइनर है तो उसके गार्डियन) बैंक मैनेजर द्वारा (as per Annexure-I) TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में signature attested करवा कर सबमिट करना होगा। यदि transmission amount दो लाख रूपये से अधिक है तो claimant (माइनर है तो उसके गार्डियन) के signature को Notary Public या Judicial Magistrate First Class से TRF-(Transmission Form Request) पर निर्धारित कालम में अटेस्ट करवाना होगा। claimant के दावे को प्रमाणित करने के लिए कुछ और papers जमा करने की आवश्यकता भी होती है। claimant द्वारा Annexure-VI में एचयूएफ के विघटन पर या कर्ता की मृत्यु के बाद कोई जीवित सदस्य नहीं होने पर किया गया Indemnity Bond दिया जाना भी जरूरी है।

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